पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा सिद्धू काम नहीं करना चाहते
पंजाब में लोकसभा चुनाव होने से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराहट की खबरें आ रही थीं मगर जब लोकसभा चुनाव के परिणाम आए तो कांग्रेस की हार के बाद यह कड़वाहट और बढ़ गई। दोनों मीडिया में खुले तौर पर एक-दूसरे के विरोध में बातें करने लगे। दरअसल कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच यह खटपट नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी टिकट बंटवारे को लेकर शुरू हुई थी। जहां से सिद्धू की पत्नी टिकट चाहती थीं पंजाब के मुख्यमंत्री उन्हें वहां से टिकट नहीं देना चाहते थे। इसी कारण दोनों में अनबन शुरू हुई थी। अब कल नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब सरकार से इस्तीफा देने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री ने बयान देते हुए कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू काम नहीं करना चाहते हैं तो मैं क्या कर सकता हूं।
नवजोत सिंह सिद्धू ने दिया पंजाब सरकार से इस्तीफा
हाल ही में कुछ दिनों पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने 10 जून को राहुल गांधी को भेजे गए अपने त्यागपत्र को सार्वजनिक कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जल्दी ही वह अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भी भेज देंगे। कुछ दिनों पहले ही पंजाब सरकार के मंत्रिमंडल में उलटफेर हुआ था जिसमें नवजोत सिंह सिद्धू का विभाग स्थानीय स्वशासन से बदलकर बिजली विभाग कर दिया गया था। सिद्धू अपना विभाग बदले जाने से भी नाराज थे। इसके पहले भी सिद्धू और सिंह के बीच काफी कड़वाहट बढ़ चुकी थी।
सिद्धू काम नहीं करना चाहते
पंजाब के मुख्यमंत्री ने बयान देते हुए कहा कि अगर सिद्धू काम नहीं करना चाहते हैं तो वह इसमें कुछ नहीं कर सकते। सिद्धू को विभाग बदलकर नए काम का दायित्व सौंपा गया था। जिसे उन्हें स्वीकार करना चाहिए था। ध्यान के ऐसे समय में अपना कार्यभार छोड़कर जाना अच्छा नहीं है। उन्होंने सवाल दाग दिए हुए यह भी कहा कि कोई सैनिक अपने जनरल द्वारा दिए गए आदेशों को मानने से कैसे इनकार कर सकता है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



